हमारे बारे में 

सम्पर्क फाउंडेशन की स्थापना अनुपमा नायर एवं विनीत नायर, पूर्व वाईस चेयरमैन (उपाध्यक्ष), एच सी एल टेक्नोलॉजी और हॉर्वर्ड बिज़नेस प्रेस द्वारा प्रकाशित बेस्ट सेलर किताब "एम्प्लॉई फर्स्ट कस्टमर सेकंड" के लेखक, ने इस विश्वास के साथ की कि सरकार के साथ मिलकर किफायती नवाचारों को बड़े पैमाने पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करके बच्चों के दक्षता के स्तर में व्यापक बदलाव लाए जा सकते हैं | इसी विचार से प्रेरित होकर हमारे संस्थापकों ने अपना जीवन प्राथमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए समर्पित कर दिया | हमारी शिक्षा के क्षेत्र में सीखने-सिखाने की यह यात्रा 6 राज्यों के 76,000 ग्रामीण स्कूलों के 2 लाख शिक्षकों और 70 लाख बच्चों के साथ अनवरत जारी है, जो हमारे लिए सही मायनों में सीखने की ही यात्रा है |

हमारा लक्ष्य

हमारा लक्ष्य नवाचारों के माध्यम से व्यापक सामाजिक बदलाव लाने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 2020 तक 7 राज्यों के 2 लाख स्कूलों में पढ़नेवाले 20 लाख बच्चों तक पंहुचने वाली शिक्षा की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार लाना है |

हमारा विज़न

एक ऐसे विश्व का निर्माण करना जहाँ पढ़ने पढ़ाने की प्रक्रिया, प्रविधियों एवं उपकरणों में किफायती नवाचारों के द्वारा प्रत्येक बच्चे को प्राथमिक स्तर पर ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराई जाए जो उनके समग्र विकास में सहायक हो |

हमारा कार्यक्रम

प्रमुख
कार्य

  • 2005-2013

    शिक्षा, रोजगार और जल प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाले स्थानीय स्तर के गैर सरकारी संगठनों की मदद

  • 2013-2014

    सम्पर्क स्मार्टशाला का जन्म | इसके पांच महत्वपूर्ण नवाचारों का विकास |

  • 2015-2016

    छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में सम्पर्क स्मार्टशाला का शुभारंभ

  • 2016-2017

    झारखंड में भी सम्पर्क स्मार्टशाला प्रोग्राम का पदार्पण

  • 2017-2018

    सम्पर्क का हरियाणा में विस्तार

  • 2018-2019

    सम्पर्क का हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में विस्तार | सम्पर्क 6 राज्यों में कार्यरत है 

हमारी पहुँच

सम्पर्क फाउंडेशन ग्रामीण भारत के लाखों बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा पँहुचाने के लिए अनवरत प्रयत्नशील है | हम अपने परियोजना को कुछ ऐसे क्रियान्वित करते है जिसे "waterfall " मॉडल कहा जाता है | इसमें कोई विचार अथवा नवाचार लाखों लाभार्थियों तक कुछ इस प्रकार पंहुचता है कि वह कुछ समय के पश्चात् उनका अभिन्न अंग बन जाता है |

हम 6 राज्यों के 76 हजार स्कूलों में पढ़ने वाले 7 लाख बच्चों तक अपनी पँहुच बना चुके हैं | प्राथमिक शिक्षा में परिवर्तन लाने के लिए किसी फाउंडेशन द्वारा चलाया जाने वाला विश्व का यह सबसे बड़ा प्रोग्राम है |

प्रमुख विश्वास

    • किफायती नवाचार और सरकार के साझेदारी में उन का प्रभावपूर्ण क्रियान्वयन के द्वारा ही बड़े पैमाने पर दक्षता स्तर में वृद्धि लाई जा सकती है |
    • समस्याओं का समाधान करने के लिए धैर्य, दृढ़ता, और बहुत ही जोश तथा जूनून की जरुरत पड़ती है |
    • यदि हम बच्चों को सीखने के लिए प्रोत्साहित करने में सफल हो जाएं तो चाहे जितनी ही बाधाएं क्यों न आ जाएं, कोई भी उन्हें उस रास्ते पर आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता जिस पर वे जाना चाहते हैं |
    • हम हमेशा अपनी योजनाओ के केंद्र में शिक्षकों को रखते हैं जिससे की उनके अंदर प्रोग्राम के प्रति अपनत्व जगे और वे स्वयं बदलाव लाने के प्रति जागरूक हों| वे बच्चों के दक्षता स्तर में प्रभावी परिववर्तन लाने के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे और उसके अनुरूप कार्य करें तथा उन्हें इसके लिए गर्व का अनुभव हो |