14 November 2019

मेरी माँ

By स्पार्क प्रियंका

हमारे बडे बुजुर्ग कहते है की इस दुनिया में माँ से महान कोई नहीं है क्यूंकि  माँ हमें जन्म देती है और पाल-पोसकर बड़ा  करती है और अपने पैरो पर खडा होने के काबिल बनाती है जिससे हम सही गलत की पहचान कर सकें। हमारे शिक्षक कहते थे कि माँ हमारी पहली अध्यापिका होती है जो हमें जन्म से ही शिक्षा देती है।

ऐसे ही मेरी माँ है। मेरी माँ मेरे लिए इस दुनिया की सबसे अच्छी माँ है। लोग कहते है न इस दुनिया में माँ के सिवा कोई वफादार नहीं होत। मेरी माँ मेरी माँ ही नहीं बल्कि मेरी दोस्त भी है।

मैंने बहुत महिलाओ को देखा है जो खुद तो अच्छी तरह बन-ठन के रहती हैं पर बच्चों को ऐसे ही छोड देती हैं। पर मेरी माँ ऐसी बिल्कुल भी नहीं हैं वह हमेश सबसे पहले हमारा ध्यान रखती, फिर अपने लिए कुछ सोचती मेरी माँ हमेशा मुझे सबसे अच्छा और सबसे आगे रखा वह चाहती हैं मैं अपने जीवन में आगे बढूं और शिक्षित बनू। मेरी माँ ने मेरे लिए बहुत परिश्रम और कष्ट उठाए हैं। जब मैं छोटी सी थी तो वह मुझे अच्छे स्कूल में पढाना चाहती थी पर मजबूर थी। फिर उन्होनें खेतो में काम किया और मेरा नाम स्कूल में लिखवाया। खेतो में काम करके मेरी फीस दी जब मेरी माँ घर का काम कर लेती तो सिलाई करती और साथ मुझे अपने पास बैठा कर पढ़ाती । माँ ज्यादा पढी-लिखी नहीं है पर उन्हें शुरु से ही शिक्षा से बहुत लगाव था। वह हमेशा यही समझाती है मैं नहीं पढी तो क्या हुआ तुम पढ़  जाओ।

एक माँ ही है जो इस दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार अपने बच्चों को करती है। माँ मुझे एक वरदान के रुप में मिली हैं।

मेरी माँ इस दुनिया की सबसे अच्छी माँ इसलिए हैं क्योकि उन में इस दुनिया की सारी अच्छाईयां हैं जो एक अच्छी माँ में होनी चहिए। कभी-कभी सोचती हूँ बिना माँ के कैसे रहूंगी। डर सा लगने लगता है। फिर सोचती हूँ, मेरी माँ मेरे साथ हमेशा है। जब भी मुझे कुछ होता तो मेरी माँ एकदम से घबरा जाती और मुझे परेशान देखकर बहुत परेशान हो जाती। मेरी माँ ने मेरी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिए है। आज मैं जो कुछ भी हूँ अपनी माँ की वजह से हूँ ।