ब्लॉग

मेरी माँ

14 November, 2019
स्पार्क प्रियंका

हमारे बडे बुजुर्ग कहते है की इस दुनिया में माँ से महान कोई नहीं है क्यूंकि  माँ हमें जन्म देती है और पाल-पोसकर बड़ा  करती है और अपने पैरो पर खडा होने के काबिल बनाती है जिससे हम सही गलत की पहचान कर सकें। हमारे शिक्षक कहते थे कि माँ हमारी पहली अध्यापिका होती है जो हमें जन्म से ही शिक्षा देती है।

ऐसे ही मेरी माँ है। मेरी माँ मेरे लिए इस दुनिया की सबसे अच्छी माँ है। लोग कहते है न इस...

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शिक्षा ने मेरे जीवन को नयी दिशा दी है

09 October, 2019
स्पार्क भुवनेश कुमार

मेरा जन्म कांगड़ा जिले के मशहूर शहर पालमपुर के नजदीक एक छोटे से गांव में हुआ था ।  बचपन में ही एक दुर्घटना में मैने अपने पिता को खो दिया, जिसकी वजह से घर की सारी जिम्मेदारी मेरी माँ  के कंधों पर आ गई।

उस वक़्त मैं बहुत छोटा था, समय की गंभीरता की समझ मुझमें नहीं थी।  पर जैसे जैसे बड़ा होता गया, वक़्त की नज़ाकत को समझने लगा और हर काम में  माँ का हाथ बटाने लगा।  इतना सब होने के...

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शिक्षक जो बनाए स्कूल की दुनिया मजेदार

04 October, 2019
स्पार्क सुदर्शन धिरटा

पढ़ाई में दिलचस्पी होते हुए भी बचपन में मुझे स्कूल जाना कभी पसंद नहीं था | मेरे माता पिता चाहते थे कि मैं शिक्षा ग्रहण करूँ और इसके लिए वे हरसंभव मेरी मदद करते रहे | फिर भी स्कूल जाना मेरे लिए किसी यंत्रणा से कम नहीं था | 

वर्तमान में मैं शिक्षा के क्षेत्र में ही सक्रिय हूँ | ज़ाहिर है मुझे स्कूलों का दौरा करने और शिक्षकों से मिलने के अनगिनत अवसर मिलते रहते हैं | इस दौरान मुझे बहुत से...

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लड़कियों को क्यों पढ़ना चाहिए?

04 October, 2019
स्पार्क प्रियंका

आज के इस दौर में शिक्षा अर्थात एजुकेशन यदि किसी व्यक्ति के अंदर विराजमान है तो वह व्यक्ति महान व्यक्ति बन सकता है। महान व्यक्ति के अंदर अच्छी इनसानियत, उच्च विचार आदि को शामिल किया जा सकता है, जिससे वह महान व्यक्ति कहलाता है। आज के युवा पीढ़ी में लडकियां यानी नारी जाति की शिक्षा को अवश्य ध्यान में रखना चाहिए। नारी को शिक्षित होने से हमारा देश तरक्की के रास्ते पर होगा, क्योंकि कहा...

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शिक्षा ही मेरा मज़हब

30 September, 2019
स्पार्क फ़ैज़ी अलीम

मेरा जन्म 1988 में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मुस्लिम परिवार में हुआ। हम जॉइंट फैमिली में रहा करते थे और हमारे खानदान के सारे लोग  रूढ़ीवादी सोच के थे। शिक्षा का अभाव था और उस दौरान मेरठ शहर में हिंदू मुस्लिम के बीच सांप्रदायिक तनाव  अपने चरम पर  था | आए दिन कर्फ्यू लगते रहते थे । नौबत यहां तक आ जाती थी कि  हेलीकॉप्टर द्वारा खाना फेंका  जाता था ।

मैं बहुत छोटा था और डब्बे का...

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ताकि बचे रहें सपने…

26 September, 2019
स्पार्क अन्विति सिंह

पाश को उनके क्रांतिकारी  विचारों के लिए जाना जाता है, जिनकी कम उम्र में ही अलगाववादियों ने  हत्या कर दी  थी|  पाश  (अवतार सिंह संधू) भगत सिंह की विचारधारा में विश्वास करते थे। उनका मानना था कि सबसे खतरनाक होता है 'हमारे सपनों का मर जाना’ | 

 मनुष्य  की कल्पना, आशा और आकांक्षाएं उसके सपनों को ईंधन देने का काम  करती हैं। अनादि काल से मानव जाति स्वप्न देखती आ  रही है |...

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एक संघर्ष यह भी

23 September, 2019
स्पार्क सुखविंदर कौर

मेरा जन्म हिमाचल प्रदेश के सोलन के पास एक छोटे से शहर स्वारघाट में हुआ था | मेरे माता पिता मुझसे बेहद प्यार करते थे और मैं उनसे| मुझे स्कूल जाना और उसके परिसर में खेलना बहुत पसंद था | अगर कुछ नहीं अच्छा लगता था तो वह था गृहकार्य जो अन्य  बच्चों की तरह मुझे भी हर रोज  मिलता था | उस वक्त मैं उन समस्त सामाजिक भेदभावों के प्रति अनभिज्ञ थी जिनका सामना हमारे समाज की लड़कियों को आज भी करना...

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मेक इन इंडिया और कौशलपरक शिक्षा

20 September, 2019
अन्विति सिंह

मेक इन इंडिया के इस दौर में जब स्किल इंडिया का नारा जोर शोर से लगाया जा रहा है और सरकार भी उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, क्या हमारी स्कूली शिक्षा इसके लिए जरूरी कौशलों, क्षमताओं, और दक्षताओ को बच्चों में विकसित करने पर जोर दे रही है? रोजगारोन्मुख और भविष्योन्मुख शिक्षा ही वर्तमान समय की जरूरत है।

रोजगारोन्मुख शिक्षा से तात्पर्य ऐसी शिक्षा से है जो ना सिर्फ रोजगार...

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वो आठ साल

12 September, 2019
अन्विति सिंह

स्कूली शिक्षा के पायदानों में प्रारंभिक शिक्षा, जिसके अंतर्गत कक्षा एक से लेकर कक्षा आठवीं तक की विद्यालयी शिक्षा आती है , एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण पायदान है | यही वजह है की केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकारें , बच्चों को इस दौरान  मूलभूत सुवधाएं देने की हरसंभव कोशिश कर रही हैं  | शिक्षक, कक्षा, किताबों के साथ ही साथ  पोषण ,(मिड डे मील ),  यूनिफार्म और विभिन्न प्रकार के वजीफे दने की...

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अनोखी टीचर

04 September, 2019
फ़ैज़ी अलीम

प्रतीक्षा मैडम कौलागढ़ स्कूल देहरादून में कक्षा 2 को पढ़ाती हैं l उनसे मेरी मुलाकात एक स्कूल विजिट के दौरान हुई |  प्रतीक्षा जी  कभी भी अपने बच्चों को मार्क्स लाने पर जोर नहीं देती, बल्कि बेसिक्स क्लियर करवाने पर धयान देती हैं | अपने स्कूल में भी  कक्षा 2 की यह टीचर काफी रूचपुर्वक  तरीके से बच्चों को पढ़ा रही है l सीक्वेंस को पूरी तरह फॉलो करते हुए यह गतिविधियों को काफी समय देती...

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शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है

09 August, 2019
शैलेश परसाई

शिक्षा सीखने की एक प्रक्रिया है। यह किसी भी वस्तु या परिस्थिति को आसानी से समझने, किसी भी तरह की समस्या से निपटने और पूरे जीवन भर विभिन्न आयामों में संतुलन बनाए रखने में हमारी सहायता करती है। शिक्षा सभी मनुष्यों का सबसे पहला और सबसे आवश्यक अधिकार है। शिक्षा हमें अपने जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। यह हमारे ज्ञान, कुशलता, आत्मविश्वास और...

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