15 July, 2022

सरकारी स्कूलों की कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम में बदलने के प्रयास

Sampark Foundation | By Sampark Foundation

नई दिल्ली, 15 जुलाई, 2022: सरकारी स्कूलों की कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम में बदलने के प्रयास में किफ़ायती समाधानों के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा में बदलाव लाने वाले अग्रणी एनजीओ सम्पर्क फाउन्डेशन ने झारखण्ड के सरकारी स्कूलों के लिए सम्पर्क FLN टीवी का लॉन्च किया है। सरकारी स्कूलों में छात्रों की लर्निंग में सुधार लाने और इन स्कूलों को भविष्य के लिए तैयार करने के दृष्टिकोण के साथ सम्पर्क ने यह पहल की है।

सम्पर्क टीवी की मदद से अध्यापक अध्याय की योजना, कंटेंट वीडियो, एक्टिविटी वीडियो, मूल्यांकन के गेमीफिकेशन और वर्कशीट्स का उपयोग कर सकते हैं, जिससे क्लास स्मार्ट, इंटरैक्टिव और मज़ेदार हो जाती है। उम्मीद है कि सम्पर्क टीवी से न सिर्फ छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी बल्कि उनकी लर्निंग परिणामों में कम से कम 30 फीसदी तक सुधार आएगा।

अब तक, सम्पर्क स्व-वित्तपोषित पहल के ज़रिए झारखण्ड के 7 जिलों- साहिबगंज, दुमका, हज़ीराबाग, रांची, पलामू पुर्बी सिंघभूम और पाकुड़ के 185 स्कूलों में टेलीविज़न से युक्त सम्पर्क FLN (फाउन्डेशनल लिटरेसी एण्ड न्युमरेसी) टीवी डिवाइस वितरित कर चुका है। आने वाले समय में झारखण्ड के सभी सरकारी स्कूलों में सम्पर्क FLN टीवी डिवाइस इन्सटॉल किए जाएंगे।

2017 में, सम्पर्क फाउन्डेशन एवं झारखण्ड एजुकेशन प्रोजेक्ट काउन्सिल (जेईपीसी), स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखण्ड के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में लर्निंग के परिणामों में सुधार लाने के लिए 5 वर्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसी साल, 5 और सालों के लिए इस समझौता ज्ञापन को नवीकृत किया गया जिसके तहत 2022-2027 के दौरान राज्य के 24 ज़िलों में 35,639 स्कूलों के 38.03 लाख बच्चों को लाभान्वित करने के लिए सम्पर्क के लर्निंग प्रोग्राम (सम्पर्क स्मार्ट शाला) उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस प्रोग्राम के तहत राज्य के तकरीबन 70,000 अध्यापकों को सम्पर्क फाउन्डेशन FLN तकनीक पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगले पांच सालों में लर्निंग के परिणामों में सुधार लाना और 2027 तक झारखण्ड को देश के शीर्ष पायदान के 10 राज्यों में शामिल करना इस प्रोग्राम का उद्देश्य है। एनआईपीयूएन भारत मिशन के तहत, इस प्रोग्राम ने 2026-27 तक सार्वभौमिक बुनियादी आंकिक एवं साक्षरता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

सम्पर्क FLN टीवी एक ऐसी डिवाइस है जो किसी भी टेलीविज़न को इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म, फीचरिंग क्विज़, वर्कशीट, एनीमेटेड कंटेंट आदि में बदल देती है। यह डिवाइस सम्पर्क दीदी (बेहद लोकप्रिय मैस्कोट और सम्पर्क स्मार्ट शाला की वर्चुअल टीचर) द्वारा डिलीवर किए जाने वाले प्रीलोडेड लैसन्स के साथ आती है। यह डिवाइस इंटरनेट के बिना ऑफलाईन भी काम कर सकती है। इस सेट-अप में एंड्रोइड सेट-अप बॉक्स और एक रिमोट शामिल है, जिसमें राज्य के पाठ्यक्रम के अनुसार अध्यायों को व्यवस्थित किया जाता है।

इसमें लर्निंग के परिणाम सही क्रम ‘लर्न, प्ले, प्रेक्टिस, अर्न एण्ड सेलेब्रेट (यानि सीखो, खेलो, अभ्यास करो, कमाओ और जश्न मनाओ)’ में प्राप्त किए जाते हैं। यह अध्याय के वीडियो से लेकर क्वश्चन बैंक तक, अध्यापन के सभी संसाधनों के लिए अध्याय की डिलीवरी और डेटाबेस की दोहरी भूमिका निभाता है। इस कंटेंट में सम्पर्क स्मार्ट शाला का गणित एवं अंग्रेज़ी का प्रोग्राम शामिल किया जाता है, यह सम्पर्क फाउन्डेशन द्वारा पेश किया गया एक ऐप है जो लर्निंग को रोचक और मज़ेदार बनाता है।

सम्पर्क FLN टीवी आधुनिक एवं बड़े पैमाने के समाधानों के माध्यम से सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के हमारे दृष्टिकोण की दिशा में एक बड़ा कदम है।विनीत नायर, संस्थापक- चेयरमैन, सम्पर्क फाउन्डेशन ने कहा ‘‘यह सरकारी स्कूलों को रोचक कंटेंट उपलब्ध कराकर, यहां मौजूद लर्निंग की खामियों को दूर करेगा, जिससे छात्र इंटरनेट होने पर भी सीख सकेंगे। अन्य ऐड-टेक प्लेटफॉर्म्स के विपरीत हमारी इस पहल के लिए स्कूलों को कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा। इसके बजाए हम देश भर के छात्रों और अध्यापकों को प्रभावी प्रोडक्ट उपलब्ध कराने के लिए रु 100 करोड़ का निवेश कर रहे हैं।

विनीत नायर ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, ‘‘हमारा प्रोग्राम यूज़र को इंटरैक्टिव अनुभव देता है, जो आम पाठ्यपुस्तकों के विपरीत सम्पर्क दीदी द्वारा डिलीवर की जाने वाली एनीमेटेड लर्निंग सामग्री के द्वारा छात्रों के पढ़ने के तरीके को पूरी तरह से बदल देता है।’

इस पहल के मुख्य बिन्दु हैं:

    • अपनी गति से चलने वाले इस प्रोग्राम का संचालन करने से सरकारी स्कूल की बुनियादी कक्षा स्मार्ट क्लासरूम में बदल जाएगी।

    • इस कंटेंट को बड़े समूह में डिलीवर किया जा सकता है जिससे क्लासरूम को इंटरैक्टिव बनाया जा सकेगा।

    • इसमें छात्रों को पढ़ाने के लिए जांची-परखी शैली अपनाई र्ग्र है, जो सरल से मुश्किल और ठोस से लेकर अमूर्त तक हर तरह के अध्याय को आसान बनाती है।

    • अध्याय लोकप्रिय क्विज़ शो कौन बनेगा करोड़पति की तरह गेमीफाईड क्विज़ शैली में सिखाए जाते हैं। जहां छात्रों को सही जवाब देने पर रिवॉर्ड पॉइन्ट भी मिलते हैं। इन रिवॉर्ड पॉइन्ट्स से वे अगले स्तर के कंटेंट जैसे गेम्स और स्टोरीज़ का एक्सेस पा सकते हैं।

    • हर छात्र के पास एक डैशबोर्ड होता है जहां उनकी प्रगति का मूल्यांकन किया जा सकता है, स्कूल और अध्यापक उन पर निगरानी रख सकते हैं।

    • सभी अध्यायों में राज्य की पाठ्यपुस्तकों का कंटेंट और सम्पर्क टीम द्वारा विकसित कंटेंट होता है। इसमें मौजूद स्पीकिंग टेक्स्टबुक- ऑडियोबुक जैसा अनुभव देती हैं- जहां सम्पर्क दीदी द्वारा अध्याय पढ़े जाते हैं, ताकि छात्र सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने का कौशल सीख सकें। ‘पूर्ण भाषा’ दृष्टिकोण सम्पर्क द्वारा विकसित किया गया है।